सुल्तानपुर के बहुचर्चित 'राजा बाबू' हत्याकांड में आरोपियों को आजीवन कारावास

Update: 2023-01-11 07:42 GMT

 सुल्तानपुर के बहुचर्चित राजा बाबू हत्याकांड में पांचों हत्यारों को जज ने उम्र कैद की सजा सुनायी गई है। अलग-अलग अपराधों में कैद के साथ प्रत्येक पर एक लाख दस दस हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। अभियोजन पक्ष के अनुसार राजाबाबू सिंह अपने बेटे सुधांशु व साथी जगदीश कश्यप के साथ 16 नवम्बर 2015 को दिन में ढाई बजे बाइक से दूबेपुर ब्लॉक जा रहे थे।

अकारीपुर में स्टार ईंट भट्ठा के पास घात लगाये अनुराग उर्फ अन्नू, कर्मवीर उर्फ विक्की निवासी धम्मौर, तीरथ राज सिंह निवासी रमैयापुर व एक अन्य ने अंधाधुंध फायरिंग कर दी। अस्पताल लाते समय उनकी मृत्यु हो गयी। विवेचना में पहले शिब्बू उर्फ निर्भय सिंह निवासी भंडरा व शिवम सिंह निवासी नौगवांतीर थाना कुड़वार का नाम प्रकाश में आया। मुकदमा चला तो सरकारी वकील ने 11 गवाह परीक्षित कराए।

चार गवाह बचाव में भी पेश किए गए। जिला जज जय प्रकाश पांडे ने जेल से तलब किया है। आरोपियों की ओर से बचाव के लिए तो आधा दर्जन से ज्यादा अधिवक्ताओं ने रहम की याचना की। पूर्व जिला शासकीय अधिवक्ता तारकेश्वर सिंह, रामअचल मिश्र व संदीप सिंह ने कड़ी सजा मांगी।

मंगलवार को जेल से लाये जाने के पहले ही सिविल कोर्ट परिसर की सुरक्षा कड़ी कर दी गयी थी। सीओ सिटी के नेतृत्व में कोतवाल व कई दारोगा सिपाही तैनात रहे। अनुराग सिंह व शिवम सिंह को अवैध तमंचा रखने के जुर्म में एक-एक साल कैद व एक एक हजार रुपये अर्थदंड लगाया गया है।

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