यूपी की रोबोटिक कंपनी एडवर्ब बनी देश की सबसे बड़ी रोबोट कंपनी, दे रही है करोड़ों का टर्नओवर

उत्तर प्रदेश सरकार का दावा है कि उसने ऐडवर्ब को ज़मीन आवंटित करने से लेकर उद्योग स्थापित करने तक हर तरह की सहायता प्रदान की है।;

Update: 2023-06-28 04:50 GMT

उत्तर प्रदेश सरकार का दावा है कि उसने ऐडवर्ब को ज़मीन आवंटित करने से लेकर उद्योग स्थापित करने तक हर तरह की सहायता प्रदान की है।

उत्तर प्रदेश सरकार ने सोमवार को दावा किया कि 2017 में उसके द्वारा शुरू की गई स्टार्टअप नीति ने 'एडवर्ब' को देश की "सबसे बड़ी रोबोटिक्स फर्म" के रूप में उभरने में मदद की है।

एक सरकारी प्रवक्ता ने कहा कि 400 वर्ग फुट के कमरे से परिचालन शुरू करने वाली ऐडवर्ब 450 करोड़ रुपये से अधिक के वार्षिक कारोबार के साथ देश की सबसे बड़ी रोबोटिक्स कंपनी बन गई है। साथ ही कंपनी ने 2,000 से ज्यादा युवाओं को सीधे रोजगार दिया है. प्रवक्ता ने दावा किया कि भविष्य में ऐडवर्ब लगभग 3,000 से अधिक युवाओं को प्रत्यक्ष रोजगार प्रदान करेगा।

उत्तर प्रदेश सरकार का दावा है कि उसने ऐडवर्ब को ज़मीन आवंटित करने से लेकर उद्योग स्थापित करने तक हर तरह की सहायता प्रदान की है। अधिकारियों ने बताया कि 2021 में 'बोट-वैली' रोबोटिक प्लांट ने महज 18 महीने में उत्पादन शुरू कर दिया.

ऐडवर्ब का दावा है कि वह "100 फीसदी स्वदेशी रोबोट" बनाती है और बढ़ती मांग को देखते हुए कंपनी ने 15 एकड़ में 'बोट-वर्स' नाम से अपना दूसरा प्लांट शुरू किया है, जिसका उद्घाटन पिछले वर्ष हुआ था Addverb के रोबोट का उपयोग सामग्री को एक स्थान से दूसरे स्थान तक ले जाने के लिए किया जाता है। इसका उपयोग कारखानों और गोदामों के साथ-साथ हवाई अड्डों और अस्पतालों में भी किया जा रहा है।

एडवर्ब के मुख्य विपणन अधिकारी, सतीश कुमार शुक्ला ने कहा, उत्तर प्रदेश सरकार की स्टार्टअप नीति से हमें बहुत मदद मिली। सही मायने में हमारा विकास यूपी से ही है। उत्तर प्रदेश में व्यापार करने में आसानी का अनुभव अन्यत्र नहीं मिल सकता है।

फैक्ट्री, वेयर हाउस, एयरपोटर्, हॉस्पिटल सहित ऐसे तमाम जगहों पर आज इनकी उपयोगिता सामान को एक जगह से दूसरी जगह पर ले जाने में बढ़ी है। आज उत्तर प्रदेश में बने रोबोट ऑस्ट्रेलिया, सिंगापुर, दुबई, अमेरिका और यूरोप में निर्यात हो रहे हैं। मुख्य विपणन अधिकारी सतीश कुमार शुक्ला ने बताया कि एडवर्ब की यात्रा योगी के मुख्यमंत्री बनने की यात्रा के साथ शुरू होती है। दिल्ली के छोटे से ऑफिस से निकलकर हमने वर्ष 2017 में नोएडा में किराए पर ऑफिस और फैक्ट्री लेकर अपने सफर की शुरुआत की। हमें उत्तर प्रदेश सरकार की स्टाटर्अप नीति से बहुत मदद मिली। सही मायने ने हमारी ग्रोथ ही यूपी से है। ईज ऑफ डूइंग बिजनेस का अनुभव उत्तर प्रदेश से अच्छा कहीं और नहीं मिल सकता है।

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