Bihar News: मस्जिद में मंदिर ढूढ़ते रहिए यहाँ तो हर शहर शहर गॉंव गाँव में औरंगजेब बैठा है

Update: 2022-05-19 14:25 GMT

उमस भरी गर्मी से जैसे ही राहत मिली फिर क्या कहना था लंबे अंतराल के बाद आज दोपहर में सोने का मौका मिला गहरी नींद का आनंद ले ही रहे थे तभी एक एकवाट्सएप कॉल आया संतोष सर मैं विपिन अग्रवाल की पत्नी बोल रहे हैं मैं अभी भी टूटा नहीं हूँ पति और बेटा के कुर्बानी जाया नहीं होने देगे ,पति के बाद बेटा भी सिस्टम से लड़ते लड़ते जान दे दिया ।

भू माफिया मेरे दोनों बच्चों की भी हत्या करने के फिराक में है मैं मोतिहारी छाेड़ दिया हूँ ,अपने बहन के पास रहने के लिए आ गये है दोनों बच्चा को पढ़ाना चाहते हैं और मुकदमा भी लड़ना चाहते हैं आपसे बहुत उम्मीद है कुछ करिए ।

1----आरटीआई कार्यकर्ता था विपिन अग्रवाल

विपिन अग्रवाल सरकार के जमीन पर अवैध कब्जा करने वाले भूमाफिया के खिलाफ तीन वर्षों से मोतिहारी से पटना तक लड़ाई लड़ रहा था इस दौरान कई बड़े भूमाफिया को अपना व्यवसायिक प्रतिष्ठान तक को खाली करना पड़ा था ।

लड़ाई अंतिम दौर में था और पटना हाईकोर्ट दस एकड़ से अधिक जमीन पर अवैध कब्जे को लेकर निर्णय लेने वाले थे तभी मोतिहारी के हरसिद्धि में 24 सितंबर 2021 को हरसिद्धि ब्लॉक ऑफिस गेट के पास दिनदहाड़े गोली विपिन की मारकर हत्या कर दी गई थी उससे पहले विपिन पर कई बार हमला हुआ झूठे मुकदमें में फसाया लेकिन को झुका नहीं ।

2---पिता के हत्यारा पर कार्यवाही नहीं होने से आहत बेटा आत्मदाह कर लिया था।

पिता की हत्या के साजिशकर्ताओं की गिरफ्तारी और न्याय नहीं मिलने से परेशान रोहित ने 24 मार्च को आग लगाकर तीन मंजिले मकान से कूदकर जान दे दिया।

रोहित अपने पिता आरटीआई कार्यकर्ता विपिन अग्रवाल की हत्या के साजिशकर्ताओं की गिरफ्तारी के लिए जद्दोजहद कर रहा था. पुलिस पर साजिशकर्ताओं से मिलीभगत करने का आरोप लगाते हुए उसने हरसिद्धि में अपने घर सामने स्थित तीन मंजिले एक निजी नर्सिंग होम की छत पर आग लगाकार कूद पड़ा. छत से कूदने के दौरान उसने पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी भी की थी

3--विपिन अग्रवाल को मारने को दी गई थी 20 लाख की सुपारी

आरटीआई कार्यकर्ता विपिन अग्रवाल की हत्या मामले में अरेराज डीएसपी अभिनव धीमान के नेतृत्व में बनी एसआईटी की टीम ने बीते जनवरी में ही मुख्य शूटर सचिन सिंह को गिरफ्तार कर लिया था. हत्याकांड में शामिल दो शूटर सहित छह लोगों को हत्या की सुपारी में सहयोग करने के मामले में गिरफ्तार किया गया था. गिरफ्तार अपराधियों ने पुलिस के सामने दिए बयान में बताया था कि हरसिद्धि बाजार की करोड़ों की सरकारी जमीन से अतिक्रमण हटाने के केस दर्ज करने को लेकर आरटीआई कार्यकर्ता की हत्या की गई थी और इसके 20 लाख रुपये में सुपारी दी गई थी ,किसने सुपारी दिया उसका भी खुलासा किया लेकिन राजनैतिक दवाब के कारण पुलिस भूमाफिया पर हाथ डालने से घटना के एक वर्ष बीत जाने के बाद भी हाथ डालने से बच रहा है।

4----विपिन अग्रवाल की पत्नी और दो मासूम बच्चा दो वक्त के रोटी के लिए दरबदर की ठोकरे खाने को मजबूर है

आरटीआई कार्यकर्ता की हत्या मामले में सरकार का जो प्रावधान है उसका लाभ अभी तक परिवार को नहीं मिला है वही दूसरी ओर मुकदमे में गवाही ना दे इसके लिए पूरे परिवार को ही खत्म करने के फिराक में है किसी तरह छुप छुपा कर बहन के गाँव में रह रही है ।

मतलब सच की लड़ाई लड़ना कितना कठिन और मुशिकल है विपिन अग्रवाल के परिवार का हाल देरव कर समझा जा सकता है सिस्टम की चमड़ी कितनी मोटी हो गयी है इससे समझा जा सकता है पिता के हत्यारा पर पुलिस कार्यवाही करे ऐसा नहीं होते देख 14 वर्ष का बेटा शरीर पर मिट्टी तेल छिड़क कर जिंदा जला लिया फिर भी सिस्टम नहीं जगा ।

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