देश के रेलवे को बेचने की पूरी स्कीम देख लीजिए : गिरीश मालवीय

अगले चार साल में नेशनल मोनेटाइजेशन पाइप लाइन के जरिए अकेले रेलवे से 1,52,496 करोड़ रुपये जुटाने की योजना है।

Update: 2021-09-07 14:05 GMT

ये है देश के रेलवे को बेचने की पूरी स्कीम, इस पिक में मोदी सरकार साल दर साल कैसे रेलवे की संपत्ति को बेचेगी, पूरा ब्यौरा दर्ज है , इस साल 40 रेलवे स्टेशन 2 पर्वतीय रेलवे ओर 3 रेलवे स्टेडियम बेचे जा रहे हैं, उसके बाद के तीन सालों में तो सब कुछ बेच डालेंगे।

अगले चार साल में नेशनल मोनेटाइजेशन पाइप लाइन के जरिए अकेले रेलवे से 1,52,496 करोड़ रुपये जुटाने की योजना है।*

*400 रेलवे स्टेशन, 90 पैंसेजर ट्रेन, पहाड़ पर मौजूद रेलवे जिसमे कालका-शिमला, नीलगिरी, दार्जीलिंग, माथेरान रेलवे है इसके अलावा 741 किलोमीटर कोंकण रेलवे का ट्रैक, 15 स्टेडियम, 673 किलोमीटर के डेडिकेट फ्रेट कॉरीडोर, 265 गुड शेड्स और 1400 किलोमीटर की ओएचई ट्रैक सामग्री , सैकड़ो की संख्या में रेलवे कालोनियां, मोनेटाइजेशन के नाम पर सब बेचने जा रही है यह मोदी सरकार*

*यह संपत्ति कोई एक दिन में खड़ी नही हुई यह देश का बुनियादी ढांचा है जिसको देश के लोगों ने कई दशकों की कड़ी मेहनत एवं करोड़ों रुपये खर्च करके विकसित किया है*

*मोदी सरकार मोनेटाइजेशन के नाम पर देश को गुलामी की ओर ले जा रही है। पहले नोटबंदी कर देश की अर्थव्यवस्था बर्बाद की, फिर बिना तैयारी के GST लगाई, फिर बिना इकनॉमी की चिंता करे लॉक डाउन लगाया, नतीजतन खजाना खाली होता चला गया अब उसकी भरपाई के लिए देश की बहुमूल्य संपत्ति रेल, 400 रेलवे स्टेशन, सड़क, गैस पाइपलाइन को अंबानी, अडानी जैसे पूंजीपतियों को किराए पर देने की योजना बनाकर आने वाली पीढ़ियों के भविष्य को इन पूंजीपतियों के हाथों गिरवी रखने की तैयारी की जा रही है*

- Girish Malviya

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