'हिमोजी', 'अलबेली', 'चित्रगीत' को जन्म देने वाली अपराजिता शर्मा का निधन
ग्यारह बजे निगम बोध घाट पर उनको अंतिम विदाई दी जाएगी।;
दिल्ली विश्वविद्यालय के मिरांडा हाउस में हिंदी की प्रोफेसर और हिंदी में 'हिमोजी' को जन्म देने वालीं अपराजिता शर्मा का शुक्रवार को हार्ट अटैक के कारण निधन हो गया। उनका पार्थिव शरीर शनिवार सुबह नौ बजे उनके घर प्लेटिनम एन्क्लेव, रोहिणी, सेक्टर 18, पहुंचेगा और ग्यारह बजे निगम बोध घाट पर उनको अंतिम विदाई दी जाएगी। अपराजिता एक शिक्षिका के साथ-साथ कैरेक्टर इलस्ट्रेटर भी थीं।
अपराजिता शर्मा ने एक इंटरव्यू के दौरान बातचीत में बताया था, '2016 का साल था, जब मैंने हिंदी में चैट स्टिकर बनाने शुरू किए थे, जिसे हिमोजी नाम दिया। ये हिमोजी लोगों को इतने पसंद आए कि देश ही नहीं विदेश से भी संदेश आने लगे। एक दिन इटली से एक ग्रुप का संदेश मिला जो हिंदी चैट स्टिकर के इस्तेमाल को लेकर इतने उत्साहित और खुश थे कि हर दिन उन्हीं स्टिकर के साथ ग्रुप में बातचीत करते। संदेश में लिखा था, 'कितने लम्बे अरसे बाद हम हिंदी में लिखे संदेश भेज रहे हैं, पढ़ रहे हैं और हमारे बच्चों को भी हिंदी के यह स्टिकर इतने पसंद आ रहे हैं कि वे इसको इस्तेमाल कर रहे। इन स्टिकर से मिलना, यहां इटली में बैठ कर हिंदुस्तान से मिलना है।' आज भी जब ऐसे प्रोत्साहन भरे मेसेज पढ़ती हूं तो मन ऊर्जा से भर जाता है।'
अब लगता है कि एक शिक्षक बनकर मैं किसी विचारधारा की पक्षकार नहीं बन सकती, लेकिन एक कलाकार की बात को लोग स्वीकार करते हैं। लोग मुझे मेरे बने हिमोजी भेजते हैं, उन्हीं से चैट करते हैं। इन चैट स्टिकर के सहारे आप हिंदी में धत्त तेरी की, कहब तो लग जाई धक्क से, हम हक से मांगें, धन्यवाद, हम्म, वाह-वाह... सब कुछ कह सकते हैं। यही नहीं, आप 'अपना टाइम आएगा' रणवीर सिंह का डायलॉग भी हिमोजी के जरिए अपने दोस्तों या परिजनों को भेज सकते हैं। लोगों को मेरे ये हिमोजी इतने पसंद आए कि अब हिमोजी नाम का एक ऐप है। जिसे आप प्लेस्टोर से डाउनलोड करके रंगे-बिरंगे और मनमौजी हिमोजी शेयर कर सकते हैं। कैरेक्टर इलस्ट्रेशन कार्टून से इतर गहरे सवालों, अवसाद और सामाजिक निषेधों पर बात करता है, इसलिए ये काम जितना रोचक है उतना ही गंभीर भी।