जातिगत टिप्पणी मामले में युवराज सिंह पहले गिरफ्तार हुए, फिर जमानत पर किए गए रिहा : पुलिस
पुलिस ने पूरे मामले को गुप्त रखा, हालांकि अब इसका खुलासा हो गया है.!!;
हिसार: सोशल मीडिया (Social Media) पर अनुसूचित जाति के खिलाफ टिप्पणी करने के मामले में हांसी पुलिस (Hansi Police) ने शनिवार को क्रिकेटर युवराज सिंह (Yuvraj Singh) को गिरफ्तार कर लिया. ये गिरफ्तारी 2019 के एक मामले में हुई, जिसके कुछ देर बाद ही युवराज को हाई कोर्ट के निर्देशानुसार औपचारिक बेल मिल गई. अब युवराज सिंह के खिलाफ हांसी पुलिस अदालत में चालान पेश करेगी. पुलिस ने पूरे मामले को गुप्त रखा, हालांकि अब इसका खुलासा हो गया है.
हांसी पुलिस के पीआरओ सुभाष कुमार ने बताया, 'जून 2020 को युवराज सिंह के खिलाफ रजत कल्सन नाम के एक शख्स ने शिकायत दर्ज कराई थी. रजत ने क्रिकेटर पर अनुसूचित जाति के खिलाफ टिप्पणी करने के आरोप लगाए. जिसके बाद पुलिस टीम ने छानबीन की और फरवरी 2021 में केस दर्ज किया. इसी मामले में शनिवार को युवराज सिंह को पूछताछ के लिए बुलाया गया. डीसीपी विनोद शंकर ने हिसार के पुलिस विभाग में गजेटेड ऑफिसर मैस में बैठाकर युवराज सिंह से पूछताछ की और उनके बयान दर्ज किए. इसके बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया.'
चहल के खिलाफ की थी टिप्पणी
दरअसल, सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें युवराज पिछले साल लॉकडाउन के दौरान रोहित शर्मा (Rohit Sharma) के साथ एक इंस्टाग्राम लाइव में बातचीत कर रहे थे. इसी दौरान उन्होंने दलितों के खिलाफ एक आपत्तिजनक शब्द का इस्तेमाल किया था. यह शब्द उन्होंने युजवेंद्र चहल को कहा था. जिसके बाद फैंस ने उनकी जमकर आलोचना की थी. इसी के चलते दलित ह्यूमन राइट्स के संयोजक रजत कलसन ने पिछले साल 2 जून को मुकदमा दर्ज कराकर, गिरफ्तारी की मांग की थी. युवराज के खिलाफ ये शिकायत हिसार के हांसी शहर थाने में दर्ज कराई गई थी. उनके ऊपर आईपीसी की धारा 153, 153 A, 295, 505 के अलावा SC/ST एक्ट की धाराएं लगाई गई हैं.