फ़तेहपुर में खनन माफिया ने दोबारा बांध दी यमुना की जलधारा

जबकि इस बाबत जिले का प्रशासन छोटी कार्यवाही कर मामले को दबाने में जुटा है।;

Update: 2020-12-20 08:25 GMT

- जलधारा बांधने के जीपीएस वीडियो शासन तक पहुंचे

- माफियाओ पर ठोस कार्रवाई करने में नाकाम साबित हो रहा जिला प्रशासन

फ़तेहपुर । जनपद अवैध खनन व अवैध परिवहन की वजह से हमेशा से चर्चा में रहा है। इन दिनों भी प्रशासन की अनदेखी से जिले में जमकर अवैध खनन व परिवहन हो रहा है। स्थिति इतनी बदतर हो चुकी है कि अढ़ावल खण्ड 11 के संचालक ने जलधारा को ही बांध दिया और दूसरे छोर से खनन करने में मशगूल है। जबकि इस बाबत जिले का प्रशासन छोटी कार्यवाही कर मामले को दबाने में जुटा है।

बता दें कि ललौली थाना क्षेत्र के अढ़ावल 11 नम्बर के खदान संचालक ने यमुना को बांधने की हिम्मत जुटा दी। जिसकी लिखित शिकायत शहर निवासी विकास पांडे ने स्पीड पोस्ट के माध्यम से जिले के अधिकारियों सहित, खनिज डायरेक्टर व एनजीटी दिल्ली को 24 नवम्बर को भेजी थी। जिसके बाद जिम्मेदार सक्रिय हुए। शनिवार 5 दिसम्बर को जिले के खान अधिकारी मिथलेश पांडे, एसडीएम सदर प्रमोद झा व पुलिस टीम ने उक्त खदान में छापा मारा जहां जलधारा में बांध बनाते मिली दो मशीनों को टीम ने सीज कर दिया और सम्बन्धित मोरंग खदान के खिलाफ एनजीटी गाइड लाइन की अवहेलना कर रात में जलधारा से मोरंग निकालने में नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा था। जबकि इतने बड़े मामले में सिर्फ मशीन सीज कर बड़ी कार्रवाई न होना जिले में चर्चा का विषय रहा। इसी खबर को दैनिक भास्कर समाचार पत्र ने प्रमुखता से 8 दिसम्बर को प्रकाशित किया था और सवाल उठाया था कि जलधारा बांधने जैसे गम्भीर मामले पर सिर्फ जुर्माना न होकर एफआईआर होनी चाहिए थी। मगर इस प्रमुख खबर को भी अफसरों ने नजरअंदाज किया।

 दैनिक भास्कर समाचार पत्र ने प्रमुखता से 8 दिसम्बर को प्रकाशित किया था

हालांकि इसी मामले में शिकायतकर्ता के आइजीआरएस के जवाब में खान अधिकारी फ़तेहपुर ने कहा है कि 5 दिसंबर को मौके पर टीम गई थी। जांच के दौरान देखा गया कि पट्टा धारक द्वारा जलधारा को रोके जाने हेतु मिट्टी बजरा झाड़ द्वारा मेड का निर्माण दो मशीनों के माध्यम से किया जा रहा था जिसे तत्काल उसी समय ध्वस्त कराते हुए जलधारा के अवरोध रूपी मेड को हटवा दिया गया तथा उक्त कार्य में संलिप्त दो मशीनों को सीज कर दिया गया।

- बड़ी कार्रवाई न होने से दोबारा बांध दी यमुना की जलधारा

यमुना नदी में जलधारा बांधने के मामले में जांच टीम ने सिर्फ जुर्माना व दो मशीन सीज कर पट्टेधारक को राहत दे दी। इसका खामियाजा यह रहा कि पट्टेधारक/संचालक ने दोबारा जलधारा बांध अवैध खनन को अंजाम देना शुरू कर दिया। जिसकी शिकायत दोबारा शिकायतकर्ता विकास पांडे ने जरिये फैक्स सीएम ऑफिस सहित प्रदूषण बोर्ड को 18 दिसम्बर को की है। शिकायतकर्ता ने इस बार सम्बन्धित खदान के जीपीएस वीडियो बनाकर शासन व एनजीटी को भेजे हैं। वीडियो 15 व 16 दिसम्बर का है जिसमे हैवी मशीन द्वारा साफ साफ लम्बी जलधारा बांधते देखा जा सकता है। एक अन्य वीडियो में दूसरे छोर तक जलधारा बंधी हुई है।

- तीन वर्ष पूर्व जलधारा बांधने में हुए थे 8 अधिकारी निलम्बित, अब उसी तरह के मामले में सिर्फ मशीने सीज

लगभग तीन वर्ष पूर्व पूर्व सपा सरकार के दौरान जनपद में अवैध खनन को करने के लिए एक मोरंग खदान संचालक ने यमुना में पुल बांधकर दूसरे छोर से खनन करने की कोशिश की थी। जिसकी शिकायत जनपद में एक कार्यक्रम में शिरकत करने आये तत्कालीन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से पत्रकारों ने की। जिस पर मुख्यमंत्री ने तत्काल प्रयागराज मंडल के कमिश्नर सहित जिले के डीएम, एसपी, खनन अधिकारी, एसडीएम, सीओ, थाना इंचार्ज सहित लेखपाल को निलंबित कर दिया था। इन दिनों भी जनपद में एनजीटी की धज्जियां उड़ाकर पूरी रात लगभग सभी खदानों में पोकलैंड मशीने गरजती हैं। मगर जलधारा बांधने जैसे गम्भीर प्रकरण में भी अधिकारियों के पहुंचने के बाद भी सिर्फ दो मशीने सीजकर जुर्माना की कार्यवाही होती है। अब इसे सरकार की बात कहें या समय समय की, मगर एक इसी तरह के प्रकरण पर आधा दर्जन से अधिक अधिकारी निलम्बित होते हैं जबकि तीन वर्ष बाद उसी तरह के प्रकरण पर सिर्फ दो मशीने सीजकर जुर्माना होता है।


- क्या कहते हैं जिम्मेदार

5 दिसम्बर को अढ़ावल खदान में दो मशीने जलधारा को बांधने का प्रयास कर रही थीं। जिन्हें सीजकर जुर्माना की कार्यवाही की गई थी। अगर दोबारा खदान संचालक ने ये हरकत की है तो उसके खिलाफ कठोर से कठोर कार्रवाई की जाएगी।

एसडीएम सदर प्रमोद झा

इस बाबत खान अधिकारी ने शिकायतकर्ता से कठोर कार्यवाही करने की बात कही है।

खनन अधिकारी मिथलेश पांडे

जलधारा को बांधना बेहद गम्भीर मामला है फ़तेहपुर के खान अधिकारी को इस बारे में जानकारी दी गई है। संचालक के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।

खनिज विभाग लखनऊ राजेन्द्र कुमार

जलधारा को बांधना बेहद गम्भीर मामला है सोमवार को प्रदूषण बोर्ड की तरफ से टीम भेजकर जांच कराई जाएगी।

एएसओ प्रदूषण बोर्ड प्रदीप कुमार

जलधारा को अगर बांधा गया है तो बेहद गम्भीर विषय है। टीम भेजकर शासन स्तर से कठोरतम कार्रवाई की जाएगी।

खनिज डायरेक्टर रोशन जैकब

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