कासगंज: पुलिस पर हमला करने वाले एक आरोपी को मुठभेड़ में मार गिराया

कासगंज: पुलिसकर्मियों पर हमले का एक आरोपी एनकाउंटर में ढेर। जानकारी मिल रही है कि प्रमुख आरोपी मोती सिंह के भाई एलकार सिंह को पुलिस ने एनकाउंटर में ढेर कर दिया है।

Update: 2021-02-10 02:53 GMT

कासगंज में देर रात हिस्ट्रीशीटर मोती के भाई एलगार को पुलिस मुठभेड़ में मार गिराया है. यह मुठभेड़ पुलिस जब आरोपियों की तलाश में जुटी हुई थी तब काली नदी की तलहटी में हुई है. चूँकि इस गाँव की चाहरदीवारी बड़ी अजीबो गरीब है. जिसके चलते यहाँ शराब माफिया के हौसले बुलंद रहते है. 

मिली जानकारी के मुताबिक धीमर नगला गाँव में हिस्ट्रीशीटर को नोटिस थमाने गई पुलिस पार्टी पर हमला बोल दिया. जिसमें एक सिपाही देवेंद्र कुमार की घटना स्थल पर मौत हो गई जबकि दरोगा अशोक कुमार की हालत गंभीर बनी हुई है. चूँकि यह घटना देर रात की है लिहाजा पुलिस इस मामले के आरोपियों को तलाशने में जुटी हुई थी उसी दौरान पुलिस की आरोपी एल्गार से मुठभेड़ हो गई. एलगर ने भी पुलिस पार्टी पर फायरिंग की जबाब में की गई फायरिंग में एल्गार मारा गया . एलगार हिस्ट्रीशीटर मोती का बड़ा भाई है जो इस घटना में शामिल था. 

नगला धीमर गाँव काली नदी की तलहटी में बसा हुआ है. चूँकि काली नदी के उस तरफ जनपद एटा की सीमा लगती है. जिसका थाना बागबालाउस तरफ लगता है. जब भी पुलिस पार्टी यहाँ दबिश देती है ये अक्सर भीषण ठंड में भी नदी में कूदकर उस तरफ निकल जाते है . इसमें कई बार दोनों जिलों की पुलिस ने भी सयुक्त कार्यवाही की लेकिन ये शारब माफिया जब भी मौका मिलता है अवैध शराब का निर्माण करने से नहीं चूकते है. 

पुलिस अक्सर इन लोंगों को गिरफ्तार कर जेल भेजती रहती है. अभी बीते सप्ताह भी पुलिस ने शराब के खिलाफ अभियान छेड़ा था तो एक दर्जन से ज्यादा आरोपी जेल भेजे है. लेकिन कार्यवाही के बाबजूद भी इनके मंसूबे कमजोर नही पड़ते है. 

वहीं घटना में घायल दरोगा अशोक कुमार की हालत अब भी नाजुक बनी हुई है. उन पर भालों से हमला किया गया है.चूँकि भाला की नोकों से घयल दरोगा का काफी तादाद में खून बह गया है. पुलिस बाकी आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है. 

 घटना के बाद घटना स्थल पर एडीजी ज़ोन आगरा अजय आनंद पहुंचे. उन्होंने बताया कि सिपाही और दरोगा गस्त पर थे. शराब बनाने की सुचना पहले मिली थी. घटना की जानकारी सबसे पहले सीओ पटियाली को दी गई थी. इस घटना की जाँच की जा रही है दोषीयों पर सख्त से सख्त कार्यवाही की जाएगी. 

क्या था मामला 

 उत्तर प्रदेश के कासगंज जिले में मंगलवार देर शाम शराब माफिया ने दुस्साहसिक वारदात को अंजाम दिया। कुर्की के लिए नोटिस चस्पा करने गए दारोगा अशोक कुमार सिंह और सिपाही देवेंद्र कुमार को शराब माफिया ने पकड़ लिया। उन्होंने पीट-पीटकर सिपाही को मौत के घाट उतार दिया, जबकि दारोगा की हालत गंभीर बनी हुई है। दोनों गांव से डेढ़ किलोमीटर दूर खेत में बंधक मिले हैं। दारोगा पर भाला से हमला किया गया है, जबकि सिपाही के सिर पर भी वार किया गया। देर रात कई थानों की फोर्स के साथ पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंच गए हैं। अधिकारी समन तामील के लिए रवानगी की भी बात कह रहे हैं।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कासगंज की घटना को गंभीरता से लिया है। उन्होंने दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई किए जाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार अपराध और अपराधियों के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति पर कार्य कर रही है। कानून व्यवस्था के संबंध में किसी भी प्रकार का समझौता न करते हुए दोषियों के विरुद्ध अविलम्ब व सख्त कार्रवाई की जाए। उन्होंने घटना में घायल पुलिसकर्मी के के उचित उपचार के निर्देश दिए हैं।

कासगंज जिला मुख्यालय से करीब 45 किलोमीटर दूर काली नदी की कटरी में स्थित गांव नगला धीमर में दारोगा अशोक कुमार सिंह व सिपाही देवेंद्र कुमार मंगलवार शाम शराब माफिया मोतीराम की कुर्की का नोटिस चस्पा करने गए थे। वहां माफिया ने दोनों को घेर लिया और एक पेड़ से बांधकर जमकर पीटा। इसके बाद माफिया व ग्रामीण दोनों को डेढ़ किलोमीटर दूर खेत पर ले गए। वहां भी दोनों की पिटाई की, वर्दी भी फाड़ दी।

पटियाली के सीओ गवेंद्र पाल गौतम सूचना मिलने पर पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। घटना की गंभीरता को देखते हुए जिले के कई थानों की फोर्स को बुलाया गया। पुलिस को दोनों खेत में बंधक मिले। अस्पताल लाने तक सिपाही की मृत्यु हो गई, जबकि दारोगा की हालत गंभीर बनी हुई है। आइजी पीयूष मोडिया ने बताया कि पुलिसकर्मी जहरीली शराब के एक मामले में कुर्की पूर्व नोटिस चस्पा करने गए थे। वहां दोनों को बंधक बना लिया।

 पुलिस को दारोगा एक खेत में मिले, उनकी बाइक के अलावा एक अन्य बजाज प्लेटिना बाइक भी मिली है। दारोगा की वर्दी जूते भी पास ही पड़े थे। लगभग आधा घंटे बाद सिपाही भी एक गेहूं के खेत में गंभीर हालत में मिला। यहां पुलिस को शराब की भट्टी का सामान बिखरा पड़ा मिला है।

 पुलिस को देर रात तक दारोगा व सिपाही का असलाह नहीं मिले हैैं। दोनों की थाने से रवानगी असलाह के साथ ही हुई थी। देर रात तक पुलिस आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए दबिश दे रही है।

एडीजी आगरा अजय आनंद ने बताया कि गांव वालों ने दारोगा व सिपाही को बंधक बना लिया। पिटाई से सिपाही की मृत्यु हो गई है, जबकि दारोगा की हालत गंभीर बनी हुई है। आसपास के थानों की पुलिस गांव पहुंच गई है। आरोपितों की गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं।

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